December 5, 2020

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अदालत ने कहा-‘रेत नदी का प्राकृतिक छन्ना, इसकी चोरी बड़ा अपराध’

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जबलपुर, अदालत ने तल्ख टिप्पणी में कहा कि रेत नदी का प्राकृतिक छन्ना है, जिसकी चोरी बड़ा अपराध है। लिहाज़ा, अवैध खनन कर नदी की सेहत और राज्य शासन को राजस्व क्षति पहुंचाने वाले आरोपित को जमानत नहीं दे सकते। अभियोजन के मुताबिक 20 जून, 2020 को थाना पनागर के हमराह स्टाफ ने डायल 100 से गश्त के दौरान चरौदा चौराहे के पास डंपर क्रमांक एमपी 20 जीए 7191 के चालक से रोक कर उससे पूछताछ की, उसका नाम पता पूछा गया उसने अपना नाम संजू कोल उम्र 24 वर्ष निवासी सिगलदीप बताया एवं वाहन स्वामी का नाम टिम्पू पटेल बताया। डम्पर रेत से भरा पाया गया। आरोपित से संबंधित दस्तावेज की मांग करने पर उसने दस्तावेजों का नहीं होना बताया। आरोपित चालक ने टिम्पू पटेल के कहने पर गोलहारी हिरण नदी से से रेत को लाना बताया। मौके पर वाहन क्रमांक एमपी 20 जीए 7191 से भरी रेत के डंपर को गवाहों के समक्ष पंचनामा तैयार कर जप्त किया गया। आरोपित संजू कोल को 20 जून, 2020 को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। अभियुक्त के विरूद्ध थाना पनागर के अपराध क्रं. 562/2020 धारा 379,414 भादवि एवं खनिज अधिनियम 1957 (4ए) 21(1) का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। आरोपित संजू कोल को न्यायालय न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी जिला जबलपुर में पेश किया गया। अभियुक्त ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। शासन की ओर से जिला लोक अभियोजन अधिकारी शेख वसीम के मार्गदर्शन में अभियोजन की ओर से सहायक जिला अभियोजन अधिकारी योगेश गर्ग द्वारा शासन की ओर से विरोध प्रस्तुत कर अपना पक्ष रखते हुए जमानत का विरोध किया गया। सहायक जिला अभियोजन अधिकारी योगेश गर्ग ने तर्क देते हुए बताया कि यदि आरोपित को जमानत का लाभ दिया जाता है, तो समाज में न्याय के विरूद्ध विपरीत संदेश पहॅुचेगा। न्यायालय ने अभियोजन द्वारा व्यक्त किए गए तर्कों से सहमत होते हुए व अपराध की गम्भीरता को ध्यान में रखते हुए आरोपित की जमानत निरस्त कर आरोपित को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया।

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