November 28, 2020

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दस्तावेजों और बैंक लाकरों से उजागर हो सकती है और अधिक बेनामी संपत्ति

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रायपुर, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में चार फर्म के दो दर्जन ठिकानों पर मारे गए आयकर विभाग के छापों की कार्रवाई रविवार को पूरी हो गई। अब छापों के दौरान जब्त दस्तावेजों की छानबीन की जाएगी। इन कंपनियों के कर्ताधर्ताओं के बैंक लाकरों का भी पता चला है। बताया जा रहा है कि दस्तावेजों की पड़ताल और बैंक लॉकर खुलने के बाद कई और बेनामी संपत्ति उजागर हो सकती है। छापों में 40 से 50 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी उजागर होने का अनुमान है। शुक्रवार को आयकर विभाग की टीमों ने चार फर्म के दो दर्जन से अधिक ठिकानों पर छापे मारे थे। भोपाल में व्यापक इंटरप्राइजेस के मुकेश श्रीवास्तव, विजन फोर्स के संजय प्रगट और भोपाल ग्लास एंड टेंट के मोहम्मद जावेद और मोहम्मद इस्माइल तो रायपुर में एएस एडवटाइजर्स के सत्यनारायण अग्रवाल के भोपाल और रायपुर स्थित ठिकानों पर कार्रवाई की गई थी। छापेमारी में इन चारों के यहां से बड़ी मात्रा में नकदी और जेवरात बरामद किए गए। इसके अलावा कई बेनामी संपत्ति का भी पता चला है। विभाग की ओर से चारों फर्म के संचालकों के बयान दर्ज किए गए हैं। अब दस्तावेजों की छानबीन की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि छापों की जद में आए लोगों ने अपनी राजनीतिक पहुंच के दम पर कई बेनामी संपत्ति बनाई और करोड़ों के वारे-न्यारे किए। इन लोगों ने शैल कंपनियों के सहारे करोड़ों का लेन-देन किया। छापेमारी के संबंध में आधिकारिक रूप से जानकारी नहीं दी गई, लेकिन बताया जा रहा है कि सोमवार को बैंक लाकर खोले जा सकते हैं। यदि दस्तावेजों की पड़ताल में समय लगा तो यह काम एक-दो दिन बाद किया जाएगा। कंपनियों से लेनदेन करने वालों के लिए भी मुश्किल बताया जा रहा है कि छापेमारी की जद में आए लोगों ने यदि नकद में किसी काम का बड़ा भुगतान लिया तो अलग से कार्रवाई की जाएगी। यदि डिजिटल माध्यमों से भुगतान लेने के बाद इन लोगों ने उसका हिसाब बता दिया तो विभाग उन लोगों से भी पूछताछ कर सकता है, जिन्होंने राशि दी। राशि देने वालों को भी अपना हिसाब बताना पड़ सकता है।

1 thought on “दस्तावेजों और बैंक लाकरों से उजागर हो सकती है और अधिक बेनामी संपत्ति

  1. जाने के लिए आयकर विभाग को बधाई जानकारी मिली कि आपके द्वारा बेनामी संपत्ति का संज्ञान लिया है जनता यह जानना चाहती है क्या इनके खिलाफ प्रधानमंत्री द्वारा संशोधित कानून के तहत अपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा विज्ञापन कंपनियां होल्डिंग के माध्यम से जिसमें पुराना लोहा लगा रहता है हर साल हजारों टर्न ऑन लोहे का बिल फर्जी लेकर आय को समायोजित करते हैं यदि इन सभी जिलों का सुख जांच की जाए तो हाय कर ही नहीं यह कि का घोटाला भी सामने आएगा ऐसा मेरा अनुमान है जय भारत राष्ट्रहित में ऐसे राजस्व की चोरी करने वालों को ना बक्शा जाए

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