January 26, 2021

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हाईकोर्ट ने शासन से पूछा-आरक्षण की वर्तमान स्थिति क्या है?

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बिलासपुर, हाई कोर्ट की युगलपीठ ने राज्य शासन से पदोन्नति में आरक्षक की वर्तमान स्थिति की जानकारी मांगी है। प्रकरण की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद होगी। छत्तीसगढ़ सर्वहित संघ के महासचिव आशीष अग्निहोत्री ने सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की है। इसमें कहा गया है कि पदोन्नति में आरक्षण नियम 2003 की कंडिका पांच को हाई कोर्ट के आदेश पर निरस्त किया गया है। इसके बाद भी इस कंडिका के तहत पदोन्नति पाने वाले एससी-एसटी कर्मचारियों को रिवर्ट और उनकी वरिष्ठता वापस नहीं ली गई है। शासन ने अक्टूबर 2019 में नया नियम पांच जारी किया है। हाई कोर्ट ने इस नए नियम पर स्थगन आदेश दिया है। प्रकरण की सुनवाई लंबित है। याचिकाकर्ता का कहना है कि हाई कोर्ट के फैसले को पूरी तरह लागू करते हुए पदोन्नति रोस्टर खत्म करना था। इसकी बजाय शासन द्वारा विधि विरुद्घ नया रोस्टर लागू कर दिया गया है। यह याचिका चार महीने पहले दाखिल की गई थी। इसलिए मुख्य न्यायाधीश की युगलपीठ ने कहा कि अवमानना नोटिस जारी करने से पहले राज्य शासन का पक्ष सुना जाना उचित होगा। हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता को आदेश दिया कि वह महाधिवक्ता कार्यालय को याचिका की एक प्रति उपलब्ध कराएं। ताकि वह शासन से वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी ले सकें। कोर्ट ने शासन को भी आरक्षण की वर्तमान स्थिति बताने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद होगी। आदेश के बाद भी नहीं किया नियमित, नगरीय प्रशासन सचिव को नोटिस हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी नगर पालिका में पदस्थ दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी को नियमित नहीं किया गया। इसे लेकर दायर अवमानना याचिका पर हाई कोर्ट ने नगरीय प्रशासन सचिव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

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