January 26, 2021

CG News 24

नई सदी की पत्रकारिता

कोरोना से प्रदेश में 3070 की मौत, होम आइसोलेशन में 166 की गई जान

1 min read

रायपुर, विधानसभा में प्रश्नकाल में विधायक धनेंद्र साहू ने प्रदेश में कोरोना से मौत को लेकर जानकारी मांगी। मंत्री टीएस सिंहदेव ने बताया कि प्रदेश में 30 नवंबर तक तीन हजार 70 लोगों की मौत हो चुकी है। विधायक रेणु जोगी ने होम आइसोलेशन में मरीजों की मौत के बारे में सवाल किया था। इसके लिखित जवाब में मंत्री सिंहदेव ने बताया कि एक लाख 45 हजार मरीज होम आइसोलेशन में थे। इसमें 166 की मौत हुई है। प्रदेश के अस्पताल में छत्तीसगढ़ के बाहर के कुल 98 कोरोना मरीज भर्ती हुए। विधायक रजनीश सिंह ने कोरोना वारियर्स के बीमा को लेकर सवाल किया। मंत्री सिंहदेव ने बताया कि प्रदेश में कोरोना वारियर्स, स्वास्थ्य कर्मचारियों, संविदा कर्मचारियों, पुलिसकर्मियों और सफाई कर्मियों का बीमा नहीं कराया गया है। प्रदेश में 24 कर्मचारियों की मौत हुई है। इसमें से आठ को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण निधि योजना के माध्यम से बीमा राशि का भुगतान किया गया है। बीमा कंपनी ने चार स्वास्थ्य कर्मियों के प्रकरण को निरस्त कर दिया है। 12 मामले प्रक्रियाधीन है।नेता प्रतिपक्ष धरलाल कौशिक ने कोरोना की एंटीबाडी रैपिड टेस्ट किट का मुद्दा उठाया। मंत्री टीएस सिंहदेव ने लिखित जवाब में बताया कि निविदाकारों ने दर भरने के बाद भी सामग्री नहीं दी। इसके कारण नेशनल मेडिकोज के खिलाफ एपेडेमिक एक्ट के तहत एफआइआर दर्ज कराई गई है। कौशिक ने पूछा था कि एंटीबाडी बेस्ड रैपिड टेस्ट कीट के लिए कब निविदा आमंत्रित की गई थी और न्यूनतम दर किसकी थी, कितनी अमानती राशि रखी गई थी और जिन्होंने प्रदाय नहीं किया है, उन पर क्या कार्रवाई की गई। सिंहदेव ने बताया कि सात अप्रैल के पहली निविदा आमंत्रित की गई थी, लेकिन गलती से दर भरे जाने और आपूर्ति करने में असमर्थ होने के कारण निविदा निरस्त कर दी गई। सिविल लाइन थाने में प्रकरण दर्ज करने आवेदन दिया गया है। इसी प्रकार वित्तीय निविदा 14 अप्रैल को आमंत्रित की गई थी और न्यूतम दर 131 रुपये प्रति टेस्ट नेशनल मेडिकोज के द्वारा भरा गया था। लेकिन इनके द्वारा समय पर प्रदाय ना करने पर 75 हजार टेस्ट किट का अन्य कंपनी से लिया गया। इसके लिए 377 रुपये प्रति किट का भुगतान किया गया। विभाग को नहीं मालूम डाक्टर किस निजी अस्पताल में कर रहे काम धरमलाल कौशिक सवाल किया था कि रायपुर स्थित डाक्टर अंबेडकर अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में कौन-कौन से डॉक्टर हैं, जो नान प्रैक्टिस अलाउंस नहीं लेते हैं। वे डाक्टर किन-किन निजी अस्पतालों में अपनी सेवाएं देते हैं। लिखित जवाब में मंत्री सिंहदेव ने बताया कि वह किन निजी चिकित्सालय में अपनी सेवाएं देते हैं, इसकी जानकारी नहीं है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *